Categories
Archives

Category: छंद

चन्द्रिका छंद “वचन सार”

चन्द्रिका छंद विधान –
“ननततु अरु गा”, ‘चन्द्रिका’ राचते।
यति सत अरु छै, छंद को साजते।।
111 111 2,21 221  2 = 13 वर्ण, 7, 6 यति।

Read More »

विद्या छंद ‘मीत संवाद’

विद्या छंद 28 मात्राओं का समपद मात्रिक छंद है।इसका मात्रा विन्यास निम्न है-

122 (यगण)+ लघु + त्रिकल + चौकल + लघु , गुरु + छक्कल + लघु + लघु + गुरु + गुरु
1221 3 221, 2 2221 1SS

Read More »

चंचला छंद “बसंत वर्णन”

चंचला छंद विधान –
“राजराजराल” वर्ण षोडसी रखो सजाय।
‘चंचला’ सुछंद राच आप लें हमें लुभाय।।

21×8 = 16 वर्ण प्रत्येक चरण।

Read More »

धारा छंद ‘तिरंगा’

धारा छंद 29 मात्राओं का समपद मात्रिक छंद है।
इसका मात्रा विन्यास निम्न है-
अठकल + छक्कल + लघु, अठकल + छक्कल(S)
2222 2221, 2222 222 (S)

Read More »
गीतिका छंद
बासुदेव अग्रवाल 'नमन'

गीतिका छंद “26 जनवरी”

गीतिका छंद 26 मात्रा प्रति पद का सम पद मात्रिक छंद है जो 14 – 12 मात्रा के दो यति खंडों में विभक्त रहता है। इसकी मापनी 2122*3 + 212 है।

Read More »

दंडकला छंद ‘मधुमास’

दंडकला छंद 32 मात्राओं का समपद मात्रिक छंद है।
प्रत्येक पद 10,8,14 मात्राओं के तीन यति खंडों में विभाजित रहता है। इसका मात्रा विन्यास निम्न है-
गुरु + अठकल, अठकल, अठकल + गुरु + लघु + लघु + गुरु

Read More »

घनश्याम छंद “दाम्पत्य सुख”

घनश्याम छंद विधान –
“जजाभभभाग”, में यति छै, दश वर्ण रखो।
रचो ‘घनश्याम’, छंद अतीव ललाम चखो।।

“जजाभभभाग” = जगण जगण भगण भगण भगण गुरु।

Read More »

महाश्रृंगार छंद ‘चुनावी हल्ला’

महाश्रृंगार छंद 32 मात्राओं का समपद मात्रिक छंद है जो 16 16 मात्रा के दो यति खण्ड में विभक्त रहता है। 16 मात्रा के यति खण्ड की मात्रा बाँट ठीक श्रृंगार छंद वाली है, जो 3 – 2 – 8 – 21(ताल) है।

Read More »

रथोद्धता छंद “आह्वाहन”

रथोद्धता छंद विधान –
“रानरा लघु गुरौ” ‘रथोद्धता’।
तीन वा चतुस तोड़ के सजा।

“रानरा लघु गुरौ” = 212 111 212 12

Read More »

रुचिरा छंद ‘भाभी’

रुचिरा छंद 30 मात्राओं का समपद मात्रिक छंद है।प्रत्येक पद 14,16 मात्राओं के दो यति खंडों में विभाजित रहता है।
इसका मात्रा विन्यास निम्न है-
अठकल + छक्कल, गुरु + अठकल + छक्कल
2222 222, 2 2222 222(S)

Read More »

गजपति छंद “नव उड़ान”

गजपति छंद विधान –

“नभलगा” गण रखो।
‘गजपतिम्’ रस चखो।।

“नभलगा” नगण  भगण लघु गुरु
( 111   211  1 2)

Read More »

कर्ण छंद ‘नववर्ष उल्लास’

कर्ण छंद 30 मात्राओं का समपद मात्रिक छंद है। चार पदों के इस छंद में चारों या दो दो पद समतुकांत होते हैं।

इसका मात्रा विन्यास निम्न है-
2 2222 21, 12221 122 22 (SS)

Read More »

विधाता छंद “नव वर्ष”

विधाता छंद 28 मात्रा प्रति पद का सम पद मात्रिक छंद है जो 14 – 14 मात्रा के दो यति खंडों में विभक्त रहता है।

Read More »

शोकहर छंद ‘बेटी’

शोकहर छंद 30 मात्राओं का समपद मात्रिक छंद है। इसका मात्रा विन्यास निम्न है-
2222, 2222, 2222, 222 (S)
8+8+8+6 = 30 मात्रा।

Read More »
शालिनी छंद
बासुदेव अग्रवाल 'नमन'

शालिनी छंद “राम स्तवन”

शालिनी छंद विधान –
राचें बैठा, सूत्र “मातातगागा”।
गावें प्यारी, ‘शालिनी’ छंद रागा।।

“मातातगागा”= मगण, तगण, तगण, गुरु, गुरु
(222 221 221 22)

Read More »

कमंद छंद “परिवार”

कमंद छंद 32 मात्राओं का समपद मात्रिक छंद है।इसका मात्रा विन्यास निम्न है-
अठकल + छक्कल + लघु,  यगण(122) +अठकल + गुरु गुरु (SS)

Read More »

किशोर छंद

किशोर छंद विधान –

किशोर छंद मूल रूप से एक मात्रिक छंद है। इसके प्रत्येक पद मे 22 मात्राएँ होती हैं तथा यति 16 व 6 मात्राओं पर होती है।

Read More »

हरिणी छंद “राधेकृष्णा नाम”

हरिणी छंद विधान –

मधुर ‘हरिणी’, राचें बैठा, “नसामरसालगे”।
प्रथम यति है, छै वर्णों पे, चतुष् फिर सप्त पे।

“नसामरसालगे” = नगण, सगण, मगण, रगण, सगण, लघु और गुरु।
111 112, 222 2,12 112 12

Read More »

तंत्री छंद ‘दुल्हन’

तंत्री छंद 32 मात्राओं का समपद मात्रिक छंद है। प्रत्येक पद क्रमशः 8, 8, 6, 10 मात्राओं के चार यति खंडों में विभाजित रहता है।

2222, 2222, 222, 2 2222

Read More »
Categories