रथोद्धता छंद “आह्वाहन”

रथोद्धता छंद विधान –
“रानरा लघु गुरौ” ‘रथोद्धता’।
तीन वा चतुस तोड़ के सजा।

“रानरा लघु गुरौ” = 212 111 212 12

जाग उठो हे वीर जवानों (32 मात्रिक छंद)

32 मात्रिक छंद विधान:

यह चार पदों का सम पद मात्रिक छंद है जो ठीक चौपाई का ही द्विगुणित रूप है। इन 32 मात्रा में 16, 16 मात्रा पर यति होती है तथा दो दो पदों में पदान्त तुक मिलाई जाती है। 16 मात्रा के अंश का विधान ठीक चौपाई वाला ही है।