वसन्ततिलका छंद “मनोकामना”

वसन्ततिलका छंद विधान –

“ताभाजजागगु” गणों पर वर्ण राखो।
प्यारी ‘वसन्ततिलका’ तब छंद चाखो।।

“ताभाजजागगु” = तगण, भगण, जगण, जगण और दो गुरु।

शैलसुता छंद “जीवन पथ”

शैलसुता छंद विधान – 

शैलसुता छंद चार चरण का वर्णिक छंद होता है जिसमें दो- दो चरण समतुकांत होते हैं।

4 लघु + 6भगण (211)
+1 गुरु = 23 वर्ण

1111 + 211*6 + 2