गंग छंद ‘गंग धार’

गंग छंद 9 मात्रा प्रति चरण का सम मात्रिक छंद है जिसका अंत गुरु गुरु (SS) से होना आवश्यक है।

शुद्ध गीता छंद “गंगा घाट”

शुद्ध गीता छंद विधान –

शुद्ध गीता छंद 27 मात्राओं का सम मात्रिक छंद है जो क्रमशः 14 और 13 मात्राओं के दो यति खंड में विभक्त रहता है।
2122 2122, 2122 2121 (14+13 मात्रा)